अपने हिस्से की भूख दबाकर माँ बच्चे को रोटी खिला देती है रोटी में अमृत की बूंदे समा कर प्यार का गागर छलका देती है।  वही बच्चे बड़े होकर भूल जाते बचपन का प्यार दुलार संस्कार न ध्यान रखते न ही सेवा करते बुढ़ापे में छोड़ते  साथ कई बार। पल-पलContinue Reading

पावन प्रीत की धार, राखी का त्यौहार!!! माँ के गर्भ से बनता है ये रिश्ता, प्रेम की डोर से सजता है ये रिश्ता, अद्भुत, अविरल, पावन प्रीत की धार, राखी है भाई-बहन के ऊर्जा का संचार। बहन भाई के लिये मान होती है, तो भाई बहन का अभिमान होता है,Continue Reading