जयपुर के पास भानगढ दुर्ग भुतहा स्थान जहां रात को कोई नहीं आता खण्डहर में बदली संरचना पहाड़ का सौंदर्य आकर्षण फिर भी पर्यटकों को खूब भाता जल के स्त्रोत बने मंदिर भी जीवंत हैं पर डर दिल में समाता साँप बिच्छु चमगादड़ जंगली जानवरों से भरा कौतुहल विषय बनाताContinue Reading

जब जब छूटता भरोसा आशंका लेती जन्म हर गतिविधि संदिग्ध उलझ जाते करम अपनी ही आशंकित सोच डर से होता निढाल मन मति भ्रमित दृश्यावली सहम जाता अंतर्मन कभी कुत्ते का रोना कभी कौवा कांव कांव बुरी घटना की आशंका भरता मन का भाव युद्द का समाचार मिलता मृत्यु कीContinue Reading

कोरोना ने एक दिन मुझे इतना डरा दिया कि रात सोते हुए को मुझे जगा दिया क्या मृत्यु इतनी नजदीक खड़ी है जैसे बाजूवाली की खिड़की खुली है। डर से क्या ऊपर निकल पाऊँगी सामान्य जीवन क्या वापस जी पाऊँगी डर कि लहर दौड़ने लगी थी मन में मृत्यु केContinue Reading