मौन परमात्मा की प्रेरणा असीम चित्त शांति मौन दिव्यता का प्रकाश अद्भुत भक्ति शक्ति शब्द जहाँ होते शून्य वाणी का होता लोप संत महात्मा जीते जी स्वयँ को रखते रोक नवीन रहस्य मय साधना संसार दिखाता दैहिक आंतरिक तप और संयम समझाता मृत्यु के बाद सभी की होती मौन कीContinue Reading

गुहार – आदरणीय मोदी जी हिंदी को राष्ट्रभाषा देखने का स्वप्न पूरा करें।  विषय – गांधी जी और उनका हिंदी अनुराग राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का हिंदी भाषा के प्रति अनुराग सर्वविदित है। अँग्रेजी भाषा के महान ज्ञानी के बावजूद वो अपना भाषण हिंदी में ही देना पसंद करते थे। उनकेContinue Reading

बापू का प्रेम अहिंसा त्याग देश के प्रति अथाह अनुराग आजादी के यज्ञ में दी आहुति सत्य भलाई निष्कर्मों की ज्योति ग्रामीण विकास हृदयी चेतना शिक्षा स्वच्छता आरोग्य प्रेरणा स्वच्छ भारत का उनका सपना मुकम्मल नहीं अब तक अपना स्वदेशी अपनाओ रोजगार बढ़ाओ कपास सूत को घर-घर पहुँचाओ विदेशी वस्तुओंContinue Reading

शास्त्र कहता है कि… काम क्रोध मद लोभ। सब नाथ नर्क के पंथ।। पर क्रोध जरूरी है क्यों? क्रोध विषाक्त ज़हर निकालना जरूरी है चित्त असीम शांति के लिए क्रोध जरूरी है संतान को सही राह दिखाने क्रोध जरूरी है अनुशासन वास्ते शिक्षक का क्रोध जरूरी है समस्या समाधान केContinue Reading

पहली कहो चाहे आख़िरी एक ही पर ये दिल आया मांग में सिंदूर भर जिसने मुझे जीवन साथी बनाया मोहब्बत को क्या नाम दूँ उसको क्या मेरा पैगाम दूँ सोचती रही कलम उठाया मैंने ख़त लिख भिजवाया आज राज खोल ही देती हूँ प्रेम की कहानी बोल देती हूँ गुलाबContinue Reading

बाबा अब मैं बड़ी हो गई हूँ मेरे हाथों को पीले करवा दो जीवन की सबसे बड़ी खुशी एक नई पहचान दिलवा दो। गणपति का शुभ वंदन करके पूजा अर्चना सुमिरन करवा दो बाबा अब मैं बड़ी हो गई हूँ मेरे हाथों को पीला करवा दो। कच्ची हरी हरी पत्तियाँContinue Reading

ख़्वाहिशों की तपिश चाँद की चाँदनी अधूरी क्यूँ है तड़प उठती मेरे सीने में दिलों की प्यास अधूरी क्यूँ है बुलबुले उठ रहे है स्वप्न जाल ये रात अधूरी क्यूँ है लबों पे ख़ामोशी घायल मन की बात अधूरी क्यूँ है चूड़ियों की खनक पायल की झंकार अधूरी क्यूँ हैContinue Reading

जिंदगी के धूप में बड़ी तपन है दिल के अंधेरों में बढ़ी घुटन है  वो आँधियों की तरह  उड़ता रहा  मेरे हर साँसों में  शोर करता रहा  उफ्फ ये आँधी के साथ  गम की बरसात भी  आने लगी है  मेरे मन को बड़ा  सताने लगी है माना तेरे जाने काContinue Reading

वैक्सीन नहीं है तो क्या हुआ रोज न जाने कितने मर रहे हैं संवदेना जता हम चल रहे हैं हौसलों से हल निकल रहे हैं भागदौड़ में भी संभल रहे हैं। दवा नहीं पास तो क्या हुआ दुआ से हर लम्हें संवर रहे हैं मास्क से सब दूरी बना रहेContinue Reading

धरती से अंतरिक्ष तक महिला जौहर दिखा रही कभी प्रधानमंत्री कभी विदेश मंत्री कभी रक्षा मंत्री बनकर देश की हर समस्या को सुलझा रही वित्तीय आर्थिक भौगोलिक राजनीतिक हो या बैंकिंग हर क्षेत्र में अपना लोहा मनवा रही औरत नहीं सिर्फ भोग्य वस्तु वो बड़ा कमाल दिखा रही पुरुष प्रधानContinue Reading