पलक  झपकते  ही क्या कुछ नहीं बदल गया  एक तेरे चले जाने से हर चेहरा ही बदल गया  ग़म  उठा ले आया  कहाँ से  हवा  का  झोंका  धरती तो  बदली ही आसमाँ भी बदल गया।

आपदाएं आती जाती रहेंगी   समस्याएं खूब सताती रहेंगी बुलंद हौंसलों को जिंदा रख  आशाऐं दीप जलाती रहेंगी।

ठिठुर ठिठुर कर रात जागती                भोर की आहट होने तक  बोझ गुलामी का कंधों पर               तुम ढ़ोते रहोगे कब तक।

सलाम लिखता है शायर तुझे ए मेरी शायरी मोहब्बत के नाम छपी हसीनाओं की डायरी इश्क़ की रंगत खिली दिल में जादू सा नशा बीत रहा ये साल नए कैलेंडर की हुई तैयारी। 

मन मोहिनी श्रृंगार तन सजाये आईने में अपना ख़्वाब बसाये खूबसूरती देख ख़ुद हुई बावरी मदमस्त दर्पण अति शरमाये। होठों पर लाली नयन कजरारे हाथों में कंगन नीले हरे सुनहरे नारी का अस्तित्व खिला रूप लज्जा प्रेम स्नेह सौम्य नखरारे। प्रियतम की आस  प्रेम अलंकार बहे आकुल सांसे मौन मनContinue Reading

इश्क़ का उठ रहा जनाज़ा है,कई दफ़ा तराशा है दर्द उठ रहा है सीने में,बेवफ़ाई में टूटा भरोसा है गलतफ़हमी हुई बरबाद हुए, कौन करेगा यक़ीन शहर में रुसवाई है, हर तरफ़ यार का तमाशा है।

हद से गुजरने की है ख़्वाहिश  मुझे माफ़ कर देना तेरे दिल में उतरने की फरमाइश़ मुझे माफ़ कर देना  आज रात तेरे दीदार के ख़ातिर पल भर जो अगर ठहर जाऊँ तो मुझे माफ़ कर देना