अपने हिस्से की भूख दबाकर माँ बच्चे को रोटी खिला देती है रोटी में अमृत की बूंदे समा कर प्यार का गागर छलका देती है।  वही बच्चे बड़े होकर भूल जाते बचपन का प्यार दुलार संस्कार न ध्यान रखते न ही सेवा करते बुढ़ापे में छोड़ते  साथ कई बार। पल-पलContinue Reading

प्रेम में क्या हार हो क्या जीत ये परमात्मा का सुमधुर गीत अंतरात्मा को महसूस करना यहीं जगत की है सच्ची रीत जीत से ख़ुशी हो हार से विकल समभाव से जीवन होता सफ़ल हार जीत भुलकर ऊपर उठना कीचड़ में खिल जाता है कमल बस पा लेना ही जीतContinue Reading

आज म्हारे घर गणगौर माता आई है पूजा करण सारी सखियाँ संग लाई है माथे पर चुन्दड़ लाल सजाई है सगला रे मन में खुशियां खूब छाई है कुमकुम टीका रोली चंदन हाथ जोड़ करें सब शुभ वंदन गीत सुरों री लहरी सजाई है चंग री थाप सू मन हर्षायीContinue Reading

मन में उत्साह लिए उमंग संग जो जीवन में आगे बढ़ता है अवसाद दुखों से ऊपर उठकर जीवन में फतह करता है आत्मसंघर्षों से सीख कर मुसीबतों से हर पल लड़ता है अंधेरे को चीर कर रोशनी जलाने की हिम्मत रखता है करतब खेल तमाशा जादू दिखाने का प्रदर्शन करताContinue Reading

प्रतिध्वनि की गूँज ने हिंदी साहित्य का फैलाया परचम हम प्रतिभागियों को मंच देकर बजाया काव्य सरगम नित नए विषयों पर लाया आपने ढेर सारी प्रतियोगिता देशवासियों के मध्य बढ़ाया हिन्दी भाषा की उपयोगिता सभी के अंतर्मन में खिलाया कल्पना के सुन्दर फूल हिंदी के प्रति अनुराग बढ़ा कर हटाContinue Reading

हर गली हर चबूतरा चौपड़ चौराहा पगडंडी                                राजा जी के किले पहाड़ी महलों के द्वार से प्राचीन संस्कृति पुरखों का गुरूर प्रेम की थपकी                                जीवन के रंग-ए-नूर आदर सत्कार से  फीणी घेवर मिर्ची बड़े समोसे प्याज़ की कचौड़ियां                                  स्वाद की खुशबू महकती हवाओं में मोहब्बत सा हसीनContinue Reading

छठ मैया सुन लो मेरी अर्ज़ करूँ मैं तेरी हाथ जोड़ विनती करूँ नाम भजुं मैं तेरी छठ मैया सुन लो मेरी…. छठ पूजा का लोक त्यौहार साल में आए दो दो बार खुश होते घर परिवार दूर करे सब मन विकार सूर्य देव को देते अर्घ चार दिनों काContinue Reading

क्या कहूँ अब तुझसे मेरे प्रभु ओ सावरें तुझे ढूंढ़ा करते हर पल मेरे ये नैन बावरे जिंदगी के मायने भी तुझसे जिंदगी की आस भी तुझसे मेरी हर साँस भी तुझसे मेरा हर वज़ूद भी तुझसे अधरों पर मधुरमयी मुस्कान प्रेम की अनोखी पहचान करें हर पल तेरा गुणगानContinue Reading

वर्ष 2020,  आज तुम्हारे लिए कुछ लिखने को हृदय प्रेरित हुआ है, सोचती हूँ कहाँ से शुरू करूँ इसे, क्योंकि अत्यंत ही महत्त्वपूर्ण साल जिसको जीवन की डायरी से कभी भुलाया नहीं जा सकता है।इस कोरोना काल ने सुख दुख दोनों को प्रतिबिंबित किया है। सुख परिवार का जिसे विगतContinue Reading

बस तुम ही तो हो मेरे जीवन के आधार पल पल गति साँसों की प्राणों के सार मेरे सुख दुख के साथी जन्मों का बंधन ऊर्जा नव संचार प्रियतम का आलिंगन बस तुम ही से बना मेरा प्यारा परिवार अनन्त आकाश धरती मिलन  संसार तुमसे मिला प्रेम  अद्भुत दैवीय मिलनContinue Reading