प्रशंसा के मीठे बोल होते बड़े अनमोल। प्रशंसा मानव की अभिलाषा सुन्दर जीवन की परिभाषा। दूर होती निराशा मन में जगती आशा। सच्ची प्रशंसा हृदय लुभाती हर मन का उत्साह जगाती। प्रशंसा सफलता का सोपान बच्चों का होता उत्तम निर्माण। खेल कूद हो या पढ़ाई प्रशंसा से बढ़ती अच्छाई। प्रफुल्लितContinue Reading

अमीरी का दंभ भरने वाले कहाँ है वो अमीर चंद पैसों के लिए जो बेच देते अपने ज़मीर आजमा कर देखो इन्हें बन जाएंगे वो फ़कीर। ग़रीब तब तक ही ग़रीब है जब तक कोसता अपना नसीब है मुफ़्त के राशन से होता लाचार ये मंजर कितना अज़ीब है आगContinue Reading

शीर्षक -प्रकाश पर्व रोशनी की किरणों ने कल का सवेरा दिखा दिया अधखुली आँखों में नया स्वप्न जगा दिया सुकून के पलों का घरों में आशियाना बना दिया आहिस्ता-आहिस्ता कोहरे का निशाँ मिटा दिया प्यार के जज़्बातों को अंतरात्मा में भरा दिया कोरोना के दहशत से बाहर निकलने का रास्ताContinue Reading

आशा है विश्वास है हाँ नादानियों का अवसाद है। बद्ध पिंजर में व्याकुल दुःख का क्यों एहसास है!  बनाया मार्ग इससे बचने का मान लेना मन से यही ख़ास है। कोरोना के भय से मुक्ति धरती पुत्रों का प्रयास है। नया सूरज निकलेगा फैलेगा प्रकाश है। बूँद बूँद के अमृतContinue Reading

कैसी ये त्रासदी, कैसा ये शहर भटक रहा मज़दूर हो रहा दर बदर घर बनाने वाला ख़ुद ही हुआ बेघर    न वर्तमान न ही भविष्य की रखता ख़बर। 

एक दिन काम वाली नहीं आती थी तो हाहाकार मच जाता था, मिलने वाली सभी सहेलियों को यह समाचार मिल जाता था,  जब वह काम पर लौटती थी तो डांटने का अधिकार मिल जाता था, तनख्वाह काटने के नाम पर दो चार उससे एक्स्ट्रा कार्य मिल जाता था… पर कोरोनाContinue Reading

कतई ऐसा न करें विवाह का खुबसूरत समारोह, दो दिलों का एकाकीकरण, दो परिवारों का मिलन, पिता के जीवन भर की जमा पूंजी से सजाई गई खुशियों की महफिल किसके लिए? अपने रिश्तेदार, मित्र और अपने पहचान वालों के लिए, जिसमें सभी लोग शामिल होकर आनंद से झूमे, नाचे,गाये, खायेContinue Reading