सोना उगले अपनी माटी चहुं   ओर खुशहाली   हो वृक्षारोपण हमको  करना     धरा पर सुंदर हरियाली हो। 

आपदाएं आती जाती रहेंगी   समस्याएं खूब सताती रहेंगी बुलंद हौंसलों को जिंदा रख  आशाऐं दीप जलाती रहेंगी।

शहीद की माँ हर आहट पर बैचैन है गाँव की पगडंडी पर बीत रही रैन है तिरंगा लिपटा पार्थिव देह अमर सपूत मुंतजिर हृदय ग़मगीन अश्रुपूरित नैन है।