माता रानी का दरबार सजे बड़ा प्यारा है खुशियों का संसार लगे बड़ा न्यारा है माथे पर चुन्दड़ घणी घणी सोहे बिंदी मुख मंडल आभा अति मोहे आओ बजावे झनकार सोणा सोणा जग सारा माता रानी का दरबार सजे बड़ा प्यारा है…. हाथों में चूड़ा खन-खन खनके शंख त्रिशूल हाथोंContinue Reading

स्वर्णिम जीवन का देखते हो तुम अद्भुत सपना झूठ धोखा बेईमानी से कभी नहीं होगा अपना। मन के ऊपर कालिखों का आवरण हटाना होगा सत्य की साबुन से मल मल कर मैल छुड़ाना होगा। सत्य के साथ खड़े रहने का अदम्य साहस तुम लाओ झूठ की भीड़ में जाकर मतContinue Reading

मौन परमात्मा की प्रेरणा असीम चित्त शांति मौन दिव्यता का प्रकाश अद्भुत भक्ति शक्ति शब्द जहाँ होते शून्य वाणी का होता लोप संत महात्मा जीते जी स्वयँ को रखते रोक नवीन रहस्य मय साधना संसार दिखाता दैहिक आंतरिक तप और संयम समझाता मृत्यु के बाद सभी की होती मौन कीContinue Reading

बापू का प्रेम अहिंसा त्याग देश के प्रति अथाह अनुराग आजादी के यज्ञ में दी आहुति सत्य भलाई निष्कर्मों की ज्योति ग्रामीण विकास हृदयी चेतना शिक्षा स्वच्छता आरोग्य प्रेरणा स्वच्छ भारत का उनका सपना मुकम्मल नहीं अब तक अपना स्वदेशी अपनाओ रोजगार बढ़ाओ कपास सूत को घर-घर पहुँचाओ विदेशी वस्तुओंContinue Reading

शास्त्र कहता है कि… काम क्रोध मद लोभ। सब नाथ नर्क के पंथ।। पर क्रोध जरूरी है क्यों? क्रोध विषाक्त ज़हर निकालना जरूरी है चित्त असीम शांति के लिए क्रोध जरूरी है संतान को सही राह दिखाने क्रोध जरूरी है अनुशासन वास्ते शिक्षक का क्रोध जरूरी है समस्या समाधान केContinue Reading

जिंदगी के धूप में बड़ी तपन है दिल के अंधेरों में बढ़ी घुटन है  वो आँधियों की तरह  उड़ता रहा  मेरे हर साँसों में  शोर करता रहा  उफ्फ ये आँधी के साथ  गम की बरसात भी  आने लगी है  मेरे मन को बड़ा  सताने लगी है माना तेरे जाने काContinue Reading

वैक्सीन नहीं है तो क्या हुआ रोज न जाने कितने मर रहे हैं संवदेना जता हम चल रहे हैं हौसलों से हल निकल रहे हैं भागदौड़ में भी संभल रहे हैं। दवा नहीं पास तो क्या हुआ दुआ से हर लम्हें संवर रहे हैं मास्क से सब दूरी बना रहेContinue Reading

कल का दिन मेरा बड़ा प्यारा था अठखेलियों का अद्भुत नज़ारा था सड़क पर पैदल मैं चल रही थी आँखें मेरी ताक झाँक कर रही थी तभी नज़र आए मुझे वो तीन बंदर गांधीजी की नव प्रतिमा के ऊपर अठखेलियाँ कर वो सब नाच रहे थे मन की बात बयांContinue Reading

कवि की काव्य कृति छंद लय बद्ध रीति  साहित्य की अविरल रस गंगा अद्भुत मीठी  मनोभावों की मोहिनी कलात्मक अभिव्यक्ति  हृदय तलब सुखद सुमधुर प्राचीन संस्कृति। कभी काव्य में कोमल सरस भाव बताता  कभी व्यंग्य से तीखे शब्द भरे बाण चलाता ओजस्वी काव्य से राष्ट्र नव चेतना जगाता  श्रृंगार हास्यContinue Reading

हमसफ़र ना सही हमदर्द बना लो पाँव के छालों पर मरहम लगा दो माना राह पर साथ न चल पाओगे सुख दुख बाँट कर जीना सीखा दो। किस्मत ने खेला बड़ा अज़ीब खेल मुकम्मल नहीं हुआ हमारा सफ़र तन्हाई से लिपट गया पूरा आसमाँ उदासी से भर गई हमारी प्रेमContinue Reading