जिंदगी के धूप में बड़ी तपन है दिल के अंधेरों में बढ़ी घुटन है  वो आँधियों की तरह  उड़ता रहा  मेरे हर साँसों में  शोर करता रहा  उफ्फ ये आँधी के साथ  गम की बरसात भी  आने लगी है  मेरे मन को बड़ा  सताने लगी है माना तेरे जाने काContinue Reading

वैक्सीन नहीं है तो क्या हुआ रोज न जाने कितने मर रहे हैं संवदेना जता हम चल रहे हैं हौसलों से हल निकल रहे हैं भागदौड़ में भी संभल रहे हैं। दवा नहीं पास तो क्या हुआ दुआ से हर लम्हें संवर रहे हैं मास्क से सब दूरी बना रहेContinue Reading

कल का दिन मेरा बड़ा प्यारा था अठखेलियों का अद्भुत नज़ारा था सड़क पर पैदल मैं चल रही थी आँखें मेरी ताक झाँक कर रही थी तभी नज़र आए मुझे वो तीन बंदर गांधीजी की नव प्रतिमा के ऊपर अठखेलियाँ कर वो सब नाच रहे थे मन की बात बयांContinue Reading

ज़माने की तल्खियों से चित्कार करता मन सौ शब्दों के जाल बुन प्रतिकार करता मन ख़ामोशी कहती मन से आज मत उलझ किसी से…उलझेंगे… फिर कभी **************************** सफ़र में थी बड़ी मौज मस्ती गाना बजाना एक दूजे संग कभी ताश कभी लुडो खेलना स्टेशन आया सब गले मिले खुश होकरContinue Reading

कवि की काव्य कृति छंद लय बद्ध रीति  साहित्य की अविरल रस गंगा अद्भुत मीठी  मनोभावों की मोहिनी कलात्मक अभिव्यक्ति  हृदय तलब सुखद सुमधुर प्राचीन संस्कृति। कभी काव्य में कोमल सरस भाव बताता  कभी व्यंग्य से तीखे शब्द भरे बाण चलाता ओजस्वी काव्य से राष्ट्र नव चेतना जगाता  श्रृंगार हास्यContinue Reading

हमसफ़र ना सही हमदर्द बना लो पाँव के छालों पर मरहम लगा दो माना राह पर साथ न चल पाओगे सुख दुख बाँट कर जीना सीखा दो। किस्मत ने खेला बड़ा अज़ीब खेल मुकम्मल नहीं हुआ हमारा सफ़र तन्हाई से लिपट गया पूरा आसमाँ उदासी से भर गई हमारी प्रेमContinue Reading

ज्ञान मुद्रा में बैठ कर आँखे मूँद कर महसूस किया जीवन बहुत अद्भुत है। परमात्मा की सेवा कर दैवीय भक्ति कर महसूस किया जीवन बहुत अद्भुत है। स्वयँ से प्रेम कर खुद को समर्पित कर महसूस किया जीवन बहुत अद्भुत है। संघर्षों से टकरा कर उसको हरा कर महसूस कियाContinue Reading

सावन भादों का है ये मास रिमझिम बरस रहा आकाश। मुहँ में आया निराला स्वाद प्याज के पकौड़े की हुई बात। चूल्हे पर चढ़ाई तेल की कढाई खाएंगे पकौड़े पीछे पड़े जवाई। सुहाना मौसम गरम चाय बनाई प्लेट में पकौड़े पुरस कर आई। आप जानते हो क्या हुआ भाई! पकौड़ेContinue Reading

हमारे भगवन् श्री गणेश प्रथम सुमिरन विशेष करते इनकी आराधना मन में बढ़ती सद्भावना विद्या बुद्धि बल दायक विघ्न नाशक मंगलकारक रिद्धि-सिद्धि शुभ कारज पूर्ण होते सकल मनोरथ खीर पूरी अनेकों पकवान भोग लगते मोदक मिष्ठान मूषक की इनकी सवारी दिखती बड़ी प्यारी न्यारी माता पिता की परिक्रमा जो करेContinue Reading

कर्म ही धर्म है कर्म ही पूजा है कर्म ही खुशी है कर्म ही आनंद है कर्म ही धर्म है कर्म ही पूजा है इसके बिना नहीं कुछ और दूजा है… कर्म ही धर्म है कर्म ही पूजा है… अपने बाजुओं में कर भरोसा कर्तव्य पथ पर अग्रसर हो कर्मContinue Reading