मैंने खत लिखा। प्रेम राग दिखा।। दिया बाती जले। संगी साथी मिले।। खुशी रात दिन। नहीं तेरे बिन।। मन मोती हार। तुम पूर्ण सार।। मौन चित्त शांति। भक्ति शक्ति कांति।। युवा साज़ राग। मुख वाणी जाग। जग प्रीत जोड़ी। सीप शंख कौड़ी।। पथ फूल खिले। आभा हेम मिले।। गीत मूंगContinue Reading

जज़्बातों की यह कहानी है अब भी गम में वो रवानी है अश्कों से भीगे मतवाले नैन राज़ ए दिल तुमको बतानी है दिल बैचैनी का तसव्वुर बेतकल्लुफ ये ज़वानी है चाँदनी रात के साये में बेहतरीन गज़ल सुनानी है वो शोखियाँ वो तबस्सुम हसरतों की फिर नादानी है गरमContinue Reading

खंड खंड काल खंड में भारत की सीमाओं ने गहरी चोट खाई है विभाजित बीज़ सृजित कर पुरातन संस्कृति को दफनायी है आज़ादी के बरसों बाद भी वंदेमातरम् विरोधी ध्वनि सुनाई है तुष्टीकरण की राजनीति से नेताओं ने की बड़ी रुसवाई है भूत भूलकर अब भविष्य काल में जनता नेContinue Reading

तुमसे ये किसने कहा… भटक गई हूँ ख़्वाबों के पीछे भाग रही हूँ अंधाधुंध आँखें मींचे दौलत कमाने के होड़ में लगी नाते रिश्ते तोड़ के आगे बढ़ी। तुमसे ये किसने कहा… मेरी दीवानगी हुई हद पार बेपरवाह मोहब्बत में हार ए शर्मो हया को छोड़ कर ख़ुद को हीContinue Reading