राखों के ढेर से अब भी काले धुएँ निकल रहे हैं जमीं में दफन ख़ामोशी बन दिल में धधक रहे हैं मासूम बेटी को मारकर नाले में जा गिरा दिया धिक्कार दरिंदों का दुष्कर्म  आँचल तार-तार किया। खामोश गहरी आंखे टूटते बिखरते वृद्ध  माता पिता दिल में अथाह पीड़ा जीवनContinue Reading

शक्ति जीवन की ऊर्जा सहयोग हो या प्रतिस्पर्धा दृढ़ अनुकूल विचारों से बढ़ती हमारी क्षमता और योग्यता। मन में शक्ति का वास ग़ज़ब का होता आभास काल चक्र का पहिया भी हो जाता इसका दास। शिव शक्ति प्रकृति के आधार दिव्य हूणों के अद्भुत भंडार जगत मूल के दोनों तारणहारContinue Reading