राखों के ढेर से अब भी काले धुएँ निकल रहे हैं जमीं में दफन ख़ामोशी बन दिल में धधक रहे हैं मासूम बेटी को मारकर नाले में जा गिरा दिया धिक्कार दरिंदों का दुष्कर्म  आँचल तार-तार किया। खामोश गहरी आंखे टूटते बिखरते वृद्ध  माता पिता दिल में अथाह पीड़ा जीवनContinue Reading

कोरोना ने सिखाया शिष्टाचार एक दूजे को करते नमस्कार बड़ो का सम्मान छोटों से प्यार हमारी सभ्यता,संस्कृति और संस्कार। अमूल्य आभूषण व्यक्तित्व का श्रृंगार जब होता जीवन में शिष्टाचार उत्तम समाज का सुदृढ़ आधार सहयोग विनम्रता ममता उच्च विचार। निश्चल प्रेम सद्भावना सद्व्यवहार प्रथम सीख देता परिवार गुरु ज्ञान सेContinue Reading