मन में बल्लियां खिल रही है निमंत्रण घर द्वार आया है सुनो सुनो सब दुनियाँ वालों आज दावत पर बुलाया है कुछ पुरानी बातें याद आई वो समय अंखियों में समाया है परिवार में सात्विक प्रेम मित्र रिश्तेदारों में स्नेह का साया है। जब साल का मिलता एक निमंत्रण मनContinue Reading

सर्दियों की शादियां बड़े अनोखे मजे शाल दुशाला सूट पहन खड़े सब सजे। पॉकेट में भर लेते किशमिश काजू बादाम अग्नि समक्ष बैठ कर मिले सबको आराम। गरम-गरम समोसे कचोड़ियां पूरी हलवे ठूंस-ठूंस भर पेट सब खाते मिठाई मेवे। बेशुमार आनंद उमंग नाच जलवे मस्ती रज़ाईयों में घुस कर सबकीContinue Reading