शीर्षक -प्रकाश पर्व रोशनी की किरणों ने कल का सवेरा दिखा दिया अधखुली आँखों में नया स्वप्न जगा दिया सुकून के पलों का घरों में आशियाना बना दिया आहिस्ता-आहिस्ता कोहरे का निशाँ मिटा दिया प्यार के जज़्बातों को अंतरात्मा में भरा दिया कोरोना के दहशत से बाहर निकलने का रास्ताContinue Reading

शीर्षक – दो पल गुफ़्तगू के एक चिड़ियां आज मुंडेर पर आई हँसने लगी मुझ पर और बड़ी चहचहाई माना कि तुम पर बड़ी आपदा आई कहने लगी तुम डरती क्यों हो भाई फिर उसने पंख फ़ैला कर एक कविता मुझको सुनाई…. हर रोज़ सुबह सबको जगाती हूँ इस आँगनContinue Reading

आशा है विश्वास है हाँ नादानियों का अवसाद है। बद्ध पिंजर में व्याकुल दुःख का क्यों एहसास है!  बनाया मार्ग इससे बचने का मान लेना मन से यही ख़ास है। कोरोना के भय से मुक्ति धरती पुत्रों का प्रयास है। नया सूरज निकलेगा फैलेगा प्रकाश है। बूँद बूँद के अमृतContinue Reading

संगीत साज़ और अंदाज़ सुर और ताल का आगाज़ दूर करे मन के विकारों को मिलाओ मेरी आवाज़ में आवाज़। मधुर संगीत वैश्विक भाषा हम सब में शक्ति बढ़ाता शांति के पथ पर ले जाता इसका श्रवण कर अथाह ऊर्जा पाता। सूरज के अग्न ताप में कोरोना से लड़ने कीContinue Reading

माँ पत्नी बेटी बहन और भाभी इनके हाथ में है घर की चाबी रसोई घर को मसालों से महका रही है लज़ीज़ व्यंजनों को पका कर खिला रही है सबकी फर्माइशों को पूरी करने में अपना जी जान लगा रही है।  दूसरी ओर…. पिता पति बेटा बहनोई और भैया येContinue Reading

ताश शतरंज कैरम सिक्वेंस लूडो उनो ऑनलाइन हाउजी आप सब क्या खेल रहे हो                 हमें भी तो बता दो जी…   समझदारी ख़त्म, कोरोना की बातेँ छोड़ो, घर बैठकर आओ खेले खेल ऐसा खेल खेले हम जिसमें जीत हो चाहे हार हो मित्रों और रिश्तेदारों के साथ  आनंद जिसकाContinue Reading

पुराने एल्बमो की धूल  झाड़ने का समय आ गया है। बीती यादों के साथ अपनों से जुड़ने का समय आ गया है।