ऐ ख़ाकी वर्दी वाले तुझ पर ये दिल निस्सार हो गया माना हमारी सुरक्षा के लिए दूर तेरा प्यारा संसार हो गया तेरी त्याग और कर्मठता पर नमन हमें बारंबार हो गया हमारा सफ़र-ए-जिंदगी तेरे पहरेदारी से शानदार हो गया। कोरोना की इस जंग में हम आपके आभारी हैं।

शीर्षक -प्रकाश पर्व रोशनी की किरणों ने कल का सवेरा दिखा दिया अधखुली आँखों में नया स्वप्न जगा दिया सुकून के पलों का घरों में आशियाना बना दिया आहिस्ता-आहिस्ता कोहरे का निशाँ मिटा दिया प्यार के जज़्बातों को अंतरात्मा में भरा दिया कोरोना के दहशत से बाहर निकलने का रास्ताContinue Reading

शीर्षक – दो पल गुफ़्तगू के एक चिड़ियां आज मुंडेर पर आई हँसने लगी मुझ पर और बड़ी चहचहाई माना कि तुम पर बड़ी आपदा आई कहने लगी तुम डरती क्यों हो भाई फिर उसने पंख फ़ैला कर एक कविता मुझको सुनाई…. हर रोज़ सुबह सबको जगाती हूँ इस आँगनContinue Reading

माँ का रुदन, धरती माँ का क्रंदन, परमात्मा का स्पन्दन उन संतानों के लिए जिसे उसने जन्म दिया क्योंकि जब सृष्टि किसी की उत्पत्ति करती है तो वह अपना सर्वस्व बलिदान कर उसे स्वरूप प्रदान करती है। मनुष्य को प्रेम करने से ज्यादा सरल मानवता को प्रेम करना है क्योंकिContinue Reading