प्रेम में क्या हार हो क्या जीत ये परमात्मा का सुमधुर गीत अंतरात्मा को महसूस करना यहीं जगत की है सच्ची रीत जीत से ख़ुशी हो हार से विकल समभाव से जीवन होता सफ़ल हार जीत भुलकर ऊपर उठना कीचड़ में खिल जाता है कमल बस पा लेना ही जीतContinue Reading

ख़ुशी की झलक कभी अश्कों की छलक प्रेम की ललक कभी अपनेपन की चहक कलम से निकले हर नायाब भावों के रंग ज्ञान के दीप प्रज्वलित नयी चेतना के संग एक ख़्वाब तलवार से पैनी क़लम की धार लेखनी मृत्यु के बाद भी जीवंत करें संसार कलम में सदा रहे Continue Reading

चारों ओर धूम मची हुई है, उत्साह एवं उमंग से तैयारियां चल रही है, मेहमानों की ख़ातिर हो रही है, अद्भुत समाँ बंधा हुआ है, रौनक सजी हुई है, फूलों से सजा सुन्दर मंडप, पंडितों द्वारा मंगल गान और मंत्रोच्चार की गूँज पूरे सभागार में सुनाई दे रही है।ओम मंगलम्Continue Reading

प्रतिध्वनि की गूँज ने हिंदी साहित्य का फैलाया परचम हम प्रतिभागियों को मंच देकर बजाया काव्य सरगम नित नए विषयों पर लाया आपने ढेर सारी प्रतियोगिता देशवासियों के मध्य बढ़ाया हिन्दी भाषा की उपयोगिता सभी के अंतर्मन में खिलाया कल्पना के सुन्दर फूल हिंदी के प्रति अनुराग बढ़ा कर हटाContinue Reading

क्या कहूँ अब तुझसे मेरे प्रभु ओ सावरें तुझे ढूंढ़ा करते हर पल मेरे ये नैन बावरे जिंदगी के मायने भी तुझसे जिंदगी की आस भी तुझसे मेरी हर साँस भी तुझसे मेरा हर वज़ूद भी तुझसे अधरों पर मधुरमयी मुस्कान प्रेम की अनोखी पहचान करें हर पल तेरा गुणगानContinue Reading

वर्ष 2020,  आज तुम्हारे लिए कुछ लिखने को हृदय प्रेरित हुआ है, सोचती हूँ कहाँ से शुरू करूँ इसे, क्योंकि अत्यंत ही महत्त्वपूर्ण साल जिसको जीवन की डायरी से कभी भुलाया नहीं जा सकता है।इस कोरोना काल ने सुख दुख दोनों को प्रतिबिंबित किया है। सुख परिवार का जिसे विगतContinue Reading