मैं भारत माता साक्षात् तुम्हारे समक्ष हूँ हृदय शूल वेदना से, आकुल व्यथित प्रत्यक्ष हूँ। मेरे वीर बेटों को चीनी ने मार दिया मेरी छाती पर दी गहरी चोट और वार किया मेरे अंगों के टुकड़े देख कर क्या तुममें अब भी अगन नहीं ज्वलित होती अब और धीर नहींContinue Reading