हर आँख ग़मगीन है,  हर होंठ पर धुनी रमायी है,  हर गली हो रही वीरान,  सुषमा जी की हुई विदाई है।  जन्म-मरण काल चक्र के दो चरण,  निरंतर चलता जाएगा,  आज तेरी बारी कल मेरी बारी,  जो आया है सो जाएगा।  फूल बन कर जो जिया, वो मसला जाएगा, Continue Reading

अभी समय है,अभी नहीं कुछ बिगड़ा है, देखो चुनाव तुम्हारे पास खड़ा है, देना है मत उसी में चित्त लगा दो, भाजपा पर विश्वास करो, संदेह भगा दो। पूर्ण तुम्हारा मनोभिष्ट क्या कभी न होगा, होगा तो बस अभी, फिर कभी न होगा, देख रहे हो कांग्रेस के किन सपनोंContinue Reading