अब और नहीं रोना है,और अत्याचार नहीं सहना है, बस बहुत हुआ… अपना न्याय स्वयं करो।माँ दुर्गा ने अपनी अंतरिम शक्ति से महिषासुर का संहार किया, माँ काली का स्वरूप हो तुम। शक्तिशाली हो तुम, तभी तो तुम्हारी कोख से संतान पैदा होती है, सृष्टि का सृजन करती हो। क्यूँContinue Reading