राखों के ढेर से अब भी काले धुएँ निकल रहे हैं जमीं में दफन ख़ामोशी बन दिल में धधक रहे हैं मासूम बेटी को मारकर नाले में जा गिरा दिया धिक्कार दरिंदों का दुष्कर्म  आँचल तार-तार किया। खामोश गहरी आंखे टूटते बिखरते वृद्ध  माता पिता दिल में अथाह पीड़ा जीवनContinue Reading

विषय – बदलता भारत विधा – संवाद नाम – मधु भूतड़ा सुबह-सुबह चाय की टेबल पर बैठे पति व पत्नी..  पति – सुनो गेट पर देखो अखबार आ गया है होगा? पत्नी – जी अभी लेकर आती हूँ।ये लीजिए आपके सुबह का आहार दिल का हार… अखबार! पति – पताContinue Reading