भीड़ में वो चिल्लाते रहे मन ही मन हम मुस्कराते रहे क्या औक़ात है उसकी बिना कहे ही उसे समझाते रहे

शास्त्र कहता है कि… काम क्रोध मद लोभ। सब नाथ नर्क के पंथ।। पर क्रोध जरूरी है क्यों? क्रोध विषाक्त ज़हर निकालना जरूरी है चित्त असीम शांति के लिए क्रोध जरूरी है संतान को सही राह दिखाने क्रोध जरूरी है अनुशासन वास्ते शिक्षक का क्रोध जरूरी है समस्या समाधान केContinue Reading