भारत का युग प्रवर्तक युवा सोच उर्जावान स्वामी विवेकानंद ने फैलाया मानवता ज्ञान आध्यात्म धर्म कर्म विवेक का आह्वान लिए विश्व में बढ़ाई अपने भारत माता की शान। उज्जवल मुख मंडल आभा चौड़ा गौरव ललाट आदर्श स्वभाव ग़ज़ब आकर्षण गेरू वस्त्र सम्राट अमेरीका में दिया भाषण मधुर आवाज़ में दमContinue Reading

सर पर खुला आकाश पांव ज़मीं पर, ठंडे पवन के मस्त झोंके ,तन पर गिरती टप-टप बारिश की बूँदों ने रोम-रोम को पुलकित किया और प्रेरित किया मनोरम दृश्य के कुछ सुंदर भावों को पन्नों पर अंकित करने का, वही आपके समक्ष लेखनी के माध्यम से अभिव्यक्त कर रही हूँ।Continue Reading

आज नहीं थमेगा मेरा मन दिखेगा अस्तित्व का दर्पण कलम लिखेगी अल्फाज़ मचलेंगे  होगा जज़्बातो का अर्पण। कौन हूँ कहाँ से आई हूँ क्या जीवन का उद्देश्य क्या मुझे करना है अंतर्मन को कुछ कहना है।  मैं मधु निज़ अस्तित्व को ढूँढती माँ धरती को कर प्रणाम रोज सुबह होताContinue Reading