ऐ ख़ाकी वर्दी वाले तुझ पर ये दिल निस्सार हो गया माना हमारी सुरक्षा के लिए दूर तेरा प्यारा संसार हो गया तेरी त्याग और कर्मठता पर नमन हमें बारंबार हो गया हमारा सफ़र-ए-जिंदगी तेरे पहरेदारी से शानदार हो गया। कोरोना की इस जंग में हम आपके आभारी हैं।

आज विकास को फिर रोते पाया, फुटपाथ पर कइयों को सोते पाया, जन – धन आवास की योजना से, अधिकांश लोगों को वंचित होते पाया।  रोटी, कपड़ा और मकान,  देना होगा इस पर ध्यान। आज विकास को फिर रोते पाया, यातायात पुलिस को पेड़ों के पीछे छुपते पाया, रिश्वतखोरी कीContinue Reading