16 संस्कारों की श्रृखंला में पाँचवा हिन्दू संस्कार है नामकरण संस्कार, जिसमें ज्योतिष शास्त्र के अनुसार संतान का नाम रखा जाता है।नाम का प्रभाव स्थूल सूक्ष्म व्यक्तित्व पर गहराई से पड़ता है। नाम को सोच समझकर सूझबूझ से रखा जाना चाहिए, क्योंकि नाम की महिमा अत्यंत महत्वपूर्ण है।मात्र राम नामContinue Reading

जातकर्म संस्कार जातकर्म संस्कार चौथा संस्कार, जो संतान के जन्म के तुरंत उपरांत का संस्कार है। दैवीय कृपा से बच्चा हमारे सामने प्रत्यक्ष होता है,यह सत्य है कि माँ बिना इस धरती पर आना सम्भव नहीं है, इसलिये माँ साक्षात् देवी है।जातकर्म संस्कार में हमारे घर के प्रभावशाली बुज़ुर्गो जैसेContinue Reading