सलाम लिखता है शायर तुझे ए मेरी शायरी मोहब्बत के नाम छपी हसीनाओं की डायरी इश्क़ की रंगत खिली दिल में जादू सा नशा बीत रहा ये साल नए कैलेंडर की हुई तैयारी। 

हर गली हर चबूतरा चौपड़ चौराहा पगडंडी                                राजा जी के किले पहाड़ी महलों के द्वार से प्राचीन संस्कृति पुरखों का गुरूर प्रेम की थपकी                                जीवन के रंग-ए-नूर आदर सत्कार से  फीणी घेवर मिर्ची बड़े समोसे प्याज़ की कचौड़ियां                                  स्वाद की खुशबू महकती हवाओं में मोहब्बत सा हसीनContinue Reading

जर्द जर्द मौसम में तीखी धूप का नज़ारा मोहब्बत हुई मेरी सरे आम़। जज्ब ए इश्क़ में जुबां हो रही ख़ामोश और आँखों से छलकता ज़ाम। दिल की ख़्वाहिशों से जुड़े  छुपाया ज़माने से उस आ़शिक की पहचान। मन नहीं बस में पागल बना दिया सीख रही हूँ जीना इश्क़Continue Reading