चारों ओर धूम मची हुई है, उत्साह एवं उमंग से तैयारियां चल रही है, मेहमानों की ख़ातिर हो रही है, अद्भुत समाँ बंधा हुआ है, रौनक सजी हुई है, फूलों से सजा सुन्दर मंडप, पंडितों द्वारा मंगल गान और मंत्रोच्चार की गूँज पूरे सभागार में सुनाई दे रही है।ओम मंगलम्Continue Reading

मन मोहिनी श्रृंगार तन सजाये आईने में अपना ख़्वाब बसाये खूबसूरती देख ख़ुद हुई बावरी मदमस्त दर्पण अति शरमाये। होठों पर लाली नयन कजरारे हाथों में कंगन नीले हरे सुनहरे नारी का अस्तित्व खिला रूप लज्जा प्रेम स्नेह सौम्य नखरारे। प्रियतम की आस  प्रेम अलंकार बहे आकुल सांसे मौन मनContinue Reading

छठ मैया सुन लो मेरी अर्ज़ करूँ मैं तेरी हाथ जोड़ विनती करूँ नाम भजुं मैं तेरी छठ मैया सुन लो मेरी…. छठ पूजा का लोक त्यौहार साल में आए दो दो बार खुश होते घर परिवार दूर करे सब मन विकार सूर्य देव को देते अर्घ चार दिनों काContinue Reading