पुरुषत्व ही शिव स्वरुप शिव ही सृष्टि आधार है।  बाह्य सख्त रूखा कठोर भीतर कोमल संसार है।  सावन में करते हम पूजा शिव महिमा अपरम्पार है। शक्ति से मिलती प्रेरणा भुजा बलशाली अपार है।  तेजस्वी तेज सा व्यक्तित्व उष्म प्रकाश का भंडार है।  अर्द्धनारीश्वर का सम्मान ब्रह्मा का सृजन साकारContinue Reading

पुंसवन संस्कार गर्भधारण के पश्चात्‌ तीन महीने में भ्रूण का विकास होना शुरू होता है, यह समय चुनौती से भरा होता है, कई माताओं के बच्चे ठहर नहीं पाते हैं और इसका शिकार अधिकतर होते है, इसलिए शुरू के तीन महीने में विशेष देखभाल की आवश्यकता होती है। पुंसवन संस्कार काContinue Reading