ख़ुशी की झलक कभी अश्कों की छलक प्रेम की ललक कभी अपनेपन की चहक कलम से निकले हर नायाब भावों के रंग ज्ञान के दीप प्रज्वलित नयी चेतना के संग एक ख़्वाब तलवार से पैनी क़लम की धार लेखनी मृत्यु के बाद भी जीवंत करें संसार कलम में सदा रहे Continue Reading

क्या कहूँ अब तुझसे मेरे प्रभु ओ सावरें तुझे ढूंढ़ा करते हर पल मेरे ये नैन बावरे जिंदगी के मायने भी तुझसे जिंदगी की आस भी तुझसे मेरी हर साँस भी तुझसे मेरा हर वज़ूद भी तुझसे अधरों पर मधुरमयी मुस्कान प्रेम की अनोखी पहचान करें हर पल तेरा गुणगानContinue Reading