ख़ुशी की झलक कभी अश्कों की छलक प्रेम की ललक कभी अपनेपन की चहक कलम से निकले हर नायाब भावों के रंग ज्ञान के दीप प्रज्वलित नयी चेतना के संग एक ख़्वाब तलवार से पैनी क़लम की धार लेखनी मृत्यु के बाद भी जीवंत करें संसार कलम में सदा रहे Continue Reading

पावन प्रीत की धार, राखी का त्यौहार!!! माँ के गर्भ से बनता है ये रिश्ता, प्रेम की डोर से सजता है ये रिश्ता, अद्भुत, अविरल, पावन प्रीत की धार, राखी है भाई-बहन के ऊर्जा का संचार। बहन भाई के लिये मान होती है, तो भाई बहन का अभिमान होता है,Continue Reading