सोचिए किस किसान का बेटा किसान है! नए दौर की कब बनेगी यहाँ पर पहचान है परिवर्तन को स्वीकार करना होता मुश्किल आंदोलन ख़त्म पर अब भी अधूरी मंज़िल आलू प्याज़ टमाटर सड़कों पर फेंके जाते ग़रीब बेरोज़गार भूख से पीड़ित मर जाते राजनीति में उलझ गई किसानों की कश्तीContinue Reading

मन में उत्साह लिए उमंग संग जो जीवन में आगे बढ़ता है अवसाद दुखों से ऊपर उठकर जीवन में फतह करता है आत्मसंघर्षों से सीख कर मुसीबतों से हर पल लड़ता है अंधेरे को चीर कर रोशनी जलाने की हिम्मत रखता है करतब खेल तमाशा जादू दिखाने का प्रदर्शन करताContinue Reading