ख़ुद को तराश लीजिये जिदंगी बेहतर महसूस होने लगेगी बिखरे मोती को जोड़ लीजिये खूबसूरत माला सजने लगेगी विसर्जन करो मन विकारों का नव चेतना में जाग्रति आएगी चिराग़ जला कर रख लीजिये स्याह रात धुंधली हो जाएगी। दूसरों की छोड़िए ज़नाब स्वयं को जीने का आनंद आएगा अहंकार सेContinue Reading

चारों ओर धूम मची हुई है, उत्साह एवं उमंग से तैयारियां चल रही है, मेहमानों की ख़ातिर हो रही है, अद्भुत समाँ बंधा हुआ है, रौनक सजी हुई है, फूलों से सजा सुन्दर मंडप, पंडितों द्वारा मंगल गान और मंत्रोच्चार की गूँज पूरे सभागार में सुनाई दे रही है।ओम मंगलम्Continue Reading

प्रतिध्वनि की गूँज ने हिंदी साहित्य का फैलाया परचम हम प्रतिभागियों को मंच देकर बजाया काव्य सरगम नित नए विषयों पर लाया आपने ढेर सारी प्रतियोगिता देशवासियों के मध्य बढ़ाया हिन्दी भाषा की उपयोगिता सभी के अंतर्मन में खिलाया कल्पना के सुन्दर फूल हिंदी के प्रति अनुराग बढ़ा कर हटाContinue Reading

पावन प्रीत की धार, राखी का त्यौहार!!! माँ के गर्भ से बनता है ये रिश्ता, प्रेम की डोर से सजता है ये रिश्ता, अद्भुत, अविरल, पावन प्रीत की धार, राखी है भाई-बहन के ऊर्जा का संचार। बहन भाई के लिये मान होती है, तो भाई बहन का अभिमान होता है,Continue Reading