संगिनी

सात फेरे अग्नि समक्ष सात वचन
इक दूजे संग रस्म जोड़ी गठबंधन 

सुंदर स्वरुप मन मोहक चितवन
संगिनी के संग प्रेम प्रतीक जीवन

सुख दुख त्रिवेणी संगम साथ हर पहर 
संगी साथी बन कटता आसान सफ़र 

पतझड़ मौसम का हर अलबेला राग 
संगिनी की खुशियाँ खुशबू सा अनुराग 

शिव अर्द्धनारीश्वर सृष्टि का सुंदर सत्य 
संगिनी सजन रिश्ते नातों का अमरत्व 

प्रेम पावन भावनाओं की अमृत धारा 
जीवन संगिनी रिश्ता मधुर अति प्यारा

अंग प्रत्यंग साँस साँस में बसी धड़कन
कोमल प्रिया उर चंचल महकता चंदन 

जीवन संगिनी सुर ताल लय और संगीत
प्यार का सरग़म रिद्म भरा सुमधुर गीत

सपनों की परी ख्वाहिश दिल की नूरी
संगिनी बिना  जीवन कहानी हो अधूरी

सुबह की लाली या रात की ठंडी चांदनी
हमसफ़र कहते है या उसे जीवन संगिनी 

कुहू करती कोयल सी मन की गूंजा गुंजन 
हर अदा से पल पल होती पैरों में थिरकन 

ख़ूबसूरत अरमानों की डोली ओ हंसिनी 
बाहों को सजाती नैनों में बसती संगिनी

जीवनसंगिनी का अद्भुत प्रेम मोह संसार 
जीवन में दूजा नहीं ऐसा कोई भी उपहार।

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