जादू की झप्पी

तुझे बाहों में भरकर,    
झूमने का मन करता है,
आसमाँ में चाँद सितारों को,
छूने का मन करता है। 

ख्वाहिशें-ऐ- जिन्दगी,
बस इतनी सी है,
इस खूबसूरत रंगीन दुनियाँ में,
ताउम्र संग जीने को मन करता है।

तेरे प्यार ने मुझे सँवारा है,
तेरी हर अदा ने मुझे निखारा है,
तू पास है मेरे तो यूँ लगे, 
ये पूरा जहाँ हमारा है।

मेरी बगिया में सुगंधित फूल खिलाया हैं,
मेरे घर आंगन को खुशबू से महकाया हैं,
धवल चाँदनी झिलमिल तारों  से,
तूने मेरी हर रात को सजाया है।

तुम मेरी जन्नत हो,
तुम मेरी चाहत हो,
सिमटी चंद पन्नों की जिन्दगी में,
तुम मेरी लिखावट हो।

कौन कहता है जाने-जिगर
उम्र बढ़ने से प्यार कम होता है,
शबाब और इश्क़ जितना पुराना होता है, 
नशा उतना ही गहरा होता है।

ज्ञान ज्योति प्रेम प्रकाश से,
नतमस्तक हुआ हमारा जीवन,
सुख दुख की इस यात्रा क्रम में,
झूम उठे श्वास-श्वास,
पल-पल प्रतिपल छाँव सघन।

4 Comments

  1. बहुत सुन्दर

    1. Author

      धन्यवाद 🙏

  2. ❤ वाह क्या कमाल की रचना है ❤
    कुछ शब्द रचना को समर्पित
    जब मन एक दूसरे के प्रति समर्पित हो।
    तब अक्सर प्रेम की ज्योत प्रज्वलित होती है।।
    कविता खुद रच जाती
    जब मन उत्साहित हो।
    उम्र का क्या तकाजा
    जब प्यारा हमसफर साथ हो।।

    प्रेम की बगिया सजाते रहिये,
    गीत खुशियों के गुनगुनाते रहिये
    चार दिन की जिन्दगानी है यारो
    इसे हँंसी खुशी से बिताते रहिये।

    जय श्री कृष्ण

    1. Author

      बहुत सुन्दर!

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