इक उम्र लगती है

इक उम्र लगती है
जीवन को समझने में
रिश्तों को पिरोने में 
अनुभव को बटोरने में 

इक उम्र लगती है
किनारों को ढूंढने में 
साहिल से तैरने में 
हवाओं को रोकने में 

इक उम्र लगती है 
शहर को बसने में 
गाँव को भूलने में
बेगानों संग जीने में 

इक उम्र लगती है
नए पत्ते उगने में
वृक्ष को बढ़ने में
जड़ को फैलने में

इक उम्र लगती है
आशियाना बनाने में 
आईना सजाने में
मुस्कान खिलाने में 

इक उम्र लगती है 
वर्तमान में रहने में 
भूत को छोड़ने में 
भविष्य को समझने में 

इक उम्र लगती है
फासले मिटाने में 
आशा को जगाने में 
निराशा को भगाने में 

इक उम्र लगती है 
प्रेम को लुटाने में 
नफ़रत छुड़ाने में 
तजुर्बा पाने में। 

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