डॉक्टर, नर्स, सुरक्षाकर्मी, सफ़ाईकर्मी, राजनेताओं के बाद अब है हमारी बारी… स्वदेशी अपनाओ, अर्थव्यवस्था बचाओ। एक संकल्पित विचारधारा जो सिर्फ़ एक भारतीय के पास है। जय हिन्द – जय भारत🇮🇳

   ऐ ख़ाकी वर्दी वाले तुझ पर ये दिल निस्सार हो गया माना हमारी सुरक्षा के लिए दूर तेरा प्यारा संसार हो गया तेरी त्याग और कर्मठता पर नमन हमें बारंबार हो गया हमारा सफ़र-ए-जिंदगी तेरे पहरेदारी से शानदार हो गया। कोरोना की इस जंग में हम आपके आभारी हैं।

हद से गुजरने की है ख़्वाहिश  मुझे माफ़ कर देना तेरे दिल में उतरने की फरमाइश़ मुझे माफ़ कर देना  आज रात तेरे दीदार के ख़ातिर पल भर जो अगर ठहर जाऊँ तो मुझे माफ़ कर देना

धरती अम्बर चाँद सितारे लगते हैं कितने प्यारे  जीवन के बंधन न्यारे   प्रीतम छूटते टूटते तारे   शोक नहीं मनाते सारे जो बीत गई वो रात है चाँद के बाद फिर से सूरज का आगाज़ है। Attachments area