मैंने खत लिखा। प्रेम राग दिखा।। दिया बाती जले। संगी साथी मिले।। खुशी रात दिन। नहीं तेरे बिन।। मन मोती हार। तुम पूर्ण सार।। मौन चित्त शांति। भक्ति शक्ति कांति।। युवा साज़ राग। मुख वाणी जाग। जग प्रीत जोड़ी। सीप शंख कौड़ी।। पथ फूल खिले। आभा हेम मिले।। गीत मूंगContinue Reading

जर्द जर्द मौसम में तीखी धूप का नज़ारा मोहब्बत हुई मेरी सरे आम़। जज्ब ए इश्क़ में जुबां हो रही ख़ामोश और आँखों से छलकता ज़ाम। दिल की ख़्वाहिशों से जुड़े  छुपाया ज़माने से उस आ़शिक की पहचान। मन नहीं बस में पागल बना दिया सीख रही हूँ जीना इश्क़Continue Reading

लघु कथा आज अपने मित्र और उसकी दो बेटियों की वास्तविक कहानी आपके समक्ष प्रस्तुत करती हूँ। दोनों बेटियों के बीच तीन साल का अन्तराल। बड़ी बेटी नैना नाम के अनुरूप खूबसूरत, मृदुल स्वभाव, मैत्री भाव, पढ़ने में अव्वल, बुद्धिमान और अनुशासित है,विद्यालय में भी सभी शिक्षिकाएं भी उसे बेहदContinue Reading

तपस्या और तपस्वी जीवन होता यशस्वी ध्यान साधना भक्ति दृढ़ इच्छा परम शक्ति। तप में ताप ऊर्जा उष्मा तादात्म् आत्मा परमात्मा देह से दैविक चैतन्य सफ़र बड़ी कठिन जीवन डगर। भोग से ऊपर होता योग बिरलों को मिलता संयोग स्थूल से सूक्ष्म की यात्रा घटती भौतिक सुख मात्रा। निर्मल शुद्धContinue Reading

खंड खंड काल खंड में भारत की सीमाओं ने गहरी चोट खाई है विभाजित बीज़ सृजित कर पुरातन संस्कृति को दफनायी है आज़ादी के बरसों बाद भी वंदेमातरम् विरोधी ध्वनि सुनाई है तुष्टीकरण की राजनीति से नेताओं ने की बड़ी रुसवाई है भूत भूलकर अब भविष्य काल में जनता नेContinue Reading

गुहार – आदरणीय मोदी जी हिंदी को राष्ट्रभाषा देखने का स्वप्न पूरा करें।  विषय – गांधी जी और उनका हिंदी अनुराग राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का हिंदी भाषा के प्रति अनुराग सर्वविदित है। अँग्रेजी भाषा के महान ज्ञानी के बावजूद वो अपना भाषण हिंदी में ही देना पसंद करते थे। उनकेContinue Reading

ज़माने की तल्खियों से चित्कार करता मन सौ शब्दों के जाल बुन प्रतिकार करता मन ख़ामोशी कहती मन से आज मत उलझ किसी से…उलझेंगे… फिर कभी **************************** सफ़र में थी बड़ी मौज मस्ती गाना बजाना एक दूजे संग कभी ताश कभी लुडो खेलना स्टेशन आया सब गले मिले खुश होकरContinue Reading

कवि की काव्य कृति छंद लय बद्ध रीति  साहित्य की अविरल रस गंगा अद्भुत मीठी  मनोभावों की मोहिनी कलात्मक अभिव्यक्ति  हृदय तलब सुखद सुमधुर प्राचीन संस्कृति। कभी काव्य में कोमल सरस भाव बताता  कभी व्यंग्य से तीखे शब्द भरे बाण चलाता ओजस्वी काव्य से राष्ट्र नव चेतना जगाता  श्रृंगार हास्यContinue Reading

हमसफ़र ना सही हमदर्द बना लो पाँव के छालों पर मरहम लगा दो माना राह पर साथ न चल पाओगे सुख दुख बाँट कर जीना सीखा दो। किस्मत ने खेला बड़ा अज़ीब खेल मुकम्मल नहीं हुआ हमारा सफ़र तन्हाई से लिपट गया पूरा आसमाँ उदासी से भर गई हमारी प्रेमContinue Reading

ज्ञान मुद्रा में बैठ कर आँखे मूँद कर महसूस किया जीवन बहुत अद्भुत है। परमात्मा की सेवा कर दैवीय भक्ति कर महसूस किया जीवन बहुत अद्भुत है। स्वयँ से प्रेम कर खुद को समर्पित कर महसूस किया जीवन बहुत अद्भुत है। संघर्षों से टकरा कर उसको हरा कर महसूस कियाContinue Reading