तीखे नैनों ने मन मोह लिया सूर सरगम ने अवरोह किया  अकुलाहट बढ़ गई दिल में लाज का घूंघट खोल दिया।

आपदाएं आती जाती रहेंगी   समस्याएं खूब सताती रहेंगी बुलंद हौंसलों को जिंदा रख  आशाऐं दीप जलाती रहेंगी।

अपने हिस्से की भूख दबाकर माँ बच्चे को रोटी खिला देती है रोटी में अमृत की बूंदे समा कर प्यार का गागर छलका देती है।  वही बच्चे बड़े होकर भूल जाते बचपन का प्यार दुलार संस्कार न ध्यान रखते न ही सेवा करते बुढ़ापे में छोड़ते  साथ कई बार। पल-पलContinue Reading

टेसु से सजा महकता बाबुल का आँगन फागुनी हवा में खुशबु चहुँ ओर छाई है सितार वाद्य संग हो रहा शहनाई वादन साजन से प्रेम मिलन रुत देखो आई है माँ की आँखे नम चेहरे पर खुशी लेकर कलेजे के टुकड़े को दे रही वो विदाई है लाड प्यार सेContinue Reading

सुख के साथी सब हैं दुख में कोई नहीं आता वो जिये या मरे सोचते लोग अपना क्या जाता सुख दुख जीवन के दो पहलू हर कोई जानता मुसीबत में साथ दे वही सच्चा साथी कहलाता काल चक्र का पहिया हर किसी को है सताता क्षण भर में जीवन काContinue Reading

जयपुर के पास भानगढ दुर्ग भुतहा स्थान जहां रात को कोई नहीं आता खण्डहर में बदली संरचना पहाड़ का सौंदर्य आकर्षण फिर भी पर्यटकों को खूब भाता जल के स्त्रोत बने मंदिर भी जीवंत हैं पर डर दिल में समाता साँप बिच्छु चमगादड़ जंगली जानवरों से भरा कौतुहल विषय बनाताContinue Reading

भारत के संविधान पर देश की गरिमा को तार-तार किया अपनी ओछी हरकतों से तिरंगे की शान को बेज़ार किया चंद किसानों के वेश में  इंसानियत को बड़ा लाचार किया भारत माता की छाती पर ये कैसा सबने मिल वार किया लाल किले के प्राचीर से अपने संस्कारों को शर्मसारContinue Reading

चारों ओर धूम मची हुई है, उत्साह एवं उमंग से तैयारियां चल रही है, मेहमानों की ख़ातिर हो रही है, अद्भुत समाँ बंधा हुआ है, रौनक सजी हुई है, फूलों से सजा सुन्दर मंडप, पंडितों द्वारा मंगल गान और मंत्रोच्चार की गूँज पूरे सभागार में सुनाई दे रही है।ओम मंगलम्Continue Reading

प्रतिध्वनि की गूँज ने हिंदी साहित्य का फैलाया परचम हम प्रतिभागियों को मंच देकर बजाया काव्य सरगम नित नए विषयों पर लाया आपने ढेर सारी प्रतियोगिता देशवासियों के मध्य बढ़ाया हिन्दी भाषा की उपयोगिता सभी के अंतर्मन में खिलाया कल्पना के सुन्दर फूल हिंदी के प्रति अनुराग बढ़ा कर हटाContinue Reading

इश्क़ का उठ रहा जनाज़ा है,कई दफ़ा तराशा है दर्द उठ रहा है सीने में,बेवफ़ाई में टूटा भरोसा है गलतफ़हमी हुई बरबाद हुए, कौन करेगा यक़ीन शहर में रुसवाई है, हर तरफ़ यार का तमाशा है।