प्रेम में क्या हार हो क्या जीत ये परमात्मा का सुमधुर गीत अंतरात्मा को महसूस करना यहीं जगत की है सच्ची रीत जीत से ख़ुशी हो हार से विकल समभाव से जीवन होता सफ़ल हार जीत भुलकर ऊपर उठना कीचड़ में खिल जाता है कमल बस पा लेना ही जीतContinue Reading

आज मन व्याकुल है,उसने बताया वो फिर इसी शहर में है। वो दिन भी क्या दिन थे जब मन पंख उठाकर उड़ता था, घंटों एक दूजे के संग बैठे होते थे और आंखों में प्रेम का महासमुंद्र हिलोरें लेता था,पुरवाई अंगड़ाई लेकर प्रेम के राग सुनाती थी, एक दूजे कोContinue Reading

भारत का युग प्रवर्तक युवा सोच उर्जावान स्वामी विवेकानंद ने फैलाया मानवता ज्ञान आध्यात्म धर्म कर्म विवेक का आह्वान लिए विश्व में बढ़ाई अपने भारत माता की शान। उज्जवल मुख मंडल आभा चौड़ा गौरव ललाट आदर्श स्वभाव ग़ज़ब आकर्षण गेरू वस्त्र सम्राट अमेरीका में दिया भाषण मधुर आवाज़ में दमContinue Reading

वैक्सीन नहीं है तो क्या हुआ रोज न जाने कितने मर रहे हैं संवदेना जता हम चल रहे हैं हौसलों से हल निकल रहे हैं भागदौड़ में भी संभल रहे हैं। दवा नहीं पास तो क्या हुआ दुआ से हर लम्हें संवर रहे हैं मास्क से सब दूरी बना रहेContinue Reading

अमीरी का दंभ भरने वाले कहाँ है वो अमीर चंद पैसों के लिए जो बेच देते अपने ज़मीर आजमा कर देखो इन्हें बन जाएंगे वो फ़कीर। ग़रीब तब तक ही ग़रीब है जब तक कोसता अपना नसीब है मुफ़्त के राशन से होता लाचार ये मंजर कितना अज़ीब है आगContinue Reading

खामोश गहरी आँखे, टूटता इंसान दिल में अथाह पीड़ा, बिखरती दर्द की पहचान। होठों पर लरज़ता रुदन, बेबस जिंदगी प्रेम की आस में, हृदय में घूटती सिसकी। फिर भी कांपते हाथों से देते हैं हमें आशीर्वाद बुजुर्गों के स्पर्श से खुलते उन्नति के मार्ग। ये हमें जानना होगा, मानना होगाContinue Reading

A for Apple पर इससे भी कुछ ऊपर…. #Affiliation #Attention #Appreciation #Acknowledge 1.Affiliation – लोगों से जुड़ना यानि टीम वर्क – नव ग्रह से सौर मंडल, सूरज, चाँद, सितारे जिनसे बनता है पेड़ पौधों का भोजन और जीवन, उनसे हमें मिलता है आक्सीज़न, यहीं से साँसों का लेन देन, कोईContinue Reading

डॉक्टर, नर्स, सुरक्षाकर्मी, सफ़ाईकर्मी, राजनेताओं के बाद अब है हमारी बारी… स्वदेशी अपनाओ, अर्थव्यवस्था बचाओ। एक संकल्पित विचारधारा जो सिर्फ़ एक भारतीय के पास है। जय हिन्द – जय भारत🇮🇳

आज तेरहवां दिन घबराए मत! ये लॉकडाउन का तेरहवां दिन है। वैसे तेरहवां दिन बड़ा महत्वपूर्ण होता है। मृत्यु के बाद स्थूल देह सुक्ष्म रुप में रूपांतरित होकर अदृश्य हो जाती है। हिन्दू संस्कृति के अनुसार किसी की भी मृत्यु होती है तो तेरहवीं पर गंगा जल से सभी ओरContinue Reading