आज विकास को फिर रोते पाया, फुटपाथ पर कइयों को सोते पाया, जन – धन आवास की योजना से, अधिकांश लोगों को वंचित होते पाया।  रोटी, कपड़ा और मकान,  देना होगा इस पर ध्यान। आज विकास को फिर रोते पाया, यातायात पुलिस को पेड़ों के पीछे छुपते पाया, रिश्वतखोरी कीContinue Reading

जल ही जीवन है। जी हाँ! इसमें कहीं दो राय नहीं है। हमारा शरीर हो या पृथ्वी, दोनों में ही भरपूर जल है और इसी से यह पृथ्वी भी चल रही है और हम भी, लेकिन उसके लिए निरंतर शुद्ध जल की आवश्यकता है। दूषित जल न शरीर को मंजूरContinue Reading

  योग मात्र एक स्लोगन नहीं है कि… चुस्ती लाये, रोग भगाये। योग समाज और देश में होने वाली हिंसा, बलात्कार, दुष्कर्म, आत्महत्या, नशा, लड़ाई – झगड़ा, मार – पीट, द्वेष, चोरी – डकैती जैसे विकृत मानसिकता को जड़ से खत्म करता है। योग हमारे  जीवनशैली को परिवर्तित करके ऊर्जावान,Continue Reading

Swiggy, Uber Eats, Zomato जैसी कंपनियों से मिल रहा है ऑनलाइन…. घर बैठे खाना – उचित या अनुचित? खाने के लिए जिंदा है या जिंदा रहने के लिए खाना है। समझे…. आपके घर पर आधे घंटे में ही आपके पसंद का खाना उपलब्ध। बड़ा मज़ा आ रहा है, जो चाहतेContinue Reading