आज मन व्याकुल है,उसने बताया वो फिर इसी शहर में है। वो दिन भी क्या दिन थे जब मन पंख उठाकर उड़ता था, घंटों एक दूजे के संग बैठे होते थे और आंखों में प्रेम का महासमुंद्र हिलोरें लेता था,पुरवाई अंगड़ाई लेकर प्रेम के राग सुनाती थी, एक दूजे कोContinue Reading

भारत का युग प्रवर्तक युवा सोच उर्जावान स्वामी विवेकानंद ने फैलाया मानवता ज्ञान आध्यात्म धर्म कर्म विवेक का आह्वान लिए विश्व में बढ़ाई अपने भारत माता की शान। उज्जवल मुख मंडल आभा चौड़ा गौरव ललाट आदर्श स्वभाव ग़ज़ब आकर्षण गेरू वस्त्र सम्राट अमेरीका में दिया भाषण मधुर आवाज़ में दमContinue Reading

राखों के ढेर से अब भी काले धुएँ निकल रहे हैं जमीं में दफन ख़ामोशी बन दिल में धधक रहे हैं मासूम बेटी को मारकर नाले में जा गिरा दिया धिक्कार दरिंदों का दुष्कर्म  आँचल तार-तार किया। खामोश गहरी आंखे टूटते बिखरते वृद्ध  माता पिता दिल में अथाह पीड़ा जीवनContinue Reading

सर्दियों की शादियां बड़े अनोखे मजे शाल दुशाला सूट पहन खड़े सब सजे। पॉकेट में भर लेते किशमिश काजू बादाम अग्नि समक्ष बैठ कर मिले सबको आराम। गरम-गरम समोसे कचोड़ियां पूरी हलवे ठूंस-ठूंस भर पेट सब खाते मिठाई मेवे। बेशुमार आनंद उमंग नाच जलवे मस्ती रज़ाईयों में घुस कर सबकीContinue Reading

खुशबू उर्वरा की हर आँगन महक रही है एक ख़्वाब एक हसरत खूब चहक रही है। सरसों बाजरा ग्वार फली की झूमती डाली चारों ओर दिखती खेत खलिहान हरियाली लहलहाते महकते ख़ुशनुमा चंदन गुलाब मन में उमड़ता खुशियों का भरपूर सैलाब। बैलों की रूणझुण जीवन में जोश बढ़ाती स्वावलंबन भावContinue Reading

एक पहल से सुप्रीम कोर्ट को आज एक निवेदन पत्र देश में भारत बंद के आह्वान को हमेशा के लिए समाप्त करने का फैसला लिया जाना चाहिए। 135 करोड़ की जनसंख्या वाला भारत देश है जिसमें कोई भी कारण से कभी भी एक वर्ग समुदाय द्वारा भारत बंद के आह्वानContinue Reading

वादा है तुझसे ए वतन अपना फ़र्ज़ निभाउंगा तिरंगे की सम्मान में अपना शीश नवाउंगा। दुश्मन आँख उठाए तो चीर के उसको आऊंगा माँ भारती की सुरक्षा में जीवन कुर्बान कर जाऊँगा। जय हिन्द

सात फेरे अग्नि समक्ष सात वचन इक दूजे संग रस्म जोड़ी गठबंधन सुंदर स्वरुप मन मोहक चितवन संगिनी के संग प्रेम प्रतीक जीवन सुख दुख त्रिवेणी संगम साथ हर पहर संगी साथी बन कटता आसान सफ़र पतझड़ मौसम का हर अलबेला राग संगिनी की खुशियाँ खुशबू सा अनुराग शिव अर्द्धनारीश्वरContinue Reading

अमावस्या की रात में  हर देहरी दीप जगमगाता  रोशनाई से धरती का  सुन्दर स्वरुप  निखर जाता भारतीय संस्कृति का  दीपावली अद्भुत त्यौहार हर आँगन चमकता  दीप मिटाता अंधकार  जगमगाती सारी धरती  खिलखिलाता संपूर्ण संसार निराशा के तिमिर छँटते आशा का होता संचार  धन धान्य की होती वृष्टि  मिलता सबको रोज़गार Continue Reading

लघु कथा आज अपने मित्र और उसकी दो बेटियों की वास्तविक कहानी आपके समक्ष प्रस्तुत करती हूँ। दोनों बेटियों के बीच तीन साल का अन्तराल। बड़ी बेटी नैना नाम के अनुरूप खूबसूरत, मृदुल स्वभाव, मैत्री भाव, पढ़ने में अव्वल, बुद्धिमान और अनुशासित है,विद्यालय में भी सभी शिक्षिकाएं भी उसे बेहदContinue Reading