चारों ओर धूम मची हुई है, उत्साह एवं उमंग से तैयारियां चल रही है, मेहमानों की ख़ातिर हो रही है, अद्भुत समाँ बंधा हुआ है, रौनक सजी हुई है, फूलों से सजा सुन्दर मंडप, पंडितों द्वारा मंगल गान और मंत्रोच्चार की गूँज पूरे सभागार में सुनाई दे रही है।ओम मंगलम्Continue Reading

सलाम लिखता है शायर तुझे ए मेरी शायरी मोहब्बत के नाम छपी हसीनाओं की डायरी इश्क़ की रंगत खिली दिल में जादू सा नशा बीत रहा ये साल नए कैलेंडर की हुई तैयारी। 

मन मोहिनी श्रृंगार तन सजाये आईने में अपना ख़्वाब बसाये खूबसूरती देख ख़ुद हुई बावरी मदमस्त दर्पण अति शरमाये। होठों पर लाली नयन कजरारे हाथों में कंगन नीले हरे सुनहरे नारी का अस्तित्व खिला रूप लज्जा प्रेम स्नेह सौम्य नखरारे। प्रियतम की आस  प्रेम अलंकार बहे आकुल सांसे मौन मनContinue Reading

इश्क़ का उठ रहा जनाज़ा है,कई दफ़ा तराशा है दर्द उठ रहा है सीने में,बेवफ़ाई में टूटा भरोसा है गलतफ़हमी हुई बरबाद हुए, कौन करेगा यक़ीन शहर में रुसवाई है, हर तरफ़ यार का तमाशा है।

क्या कहूँ अब तुझसे मेरे प्रभु ओ सावरें तुझे ढूंढ़ा करते हर पल मेरे ये नैन बावरे जिंदगी के मायने भी तुझसे जिंदगी की आस भी तुझसे मेरी हर साँस भी तुझसे मेरा हर वज़ूद भी तुझसे अधरों पर मधुरमयी मुस्कान प्रेम की अनोखी पहचान करें हर पल तेरा गुणगानContinue Reading

बस तुम ही तो हो मेरे जीवन के आधार पल पल गति साँसों की प्राणों के सार मेरे सुख दुख के साथी जन्मों का बंधन ऊर्जा नव संचार प्रियतम का आलिंगन बस तुम ही से बना मेरा प्यारा परिवार अनन्त आकाश धरती मिलन  संसार तुमसे मिला प्रेम  अद्भुत दैवीय मिलनContinue Reading

राखों के ढेर से अब भी काले धुएँ निकल रहे हैं जमीं में दफन ख़ामोशी बन दिल में धधक रहे हैं मासूम बेटी को मारकर नाले में जा गिरा दिया धिक्कार दरिंदों का दुष्कर्म  आँचल तार-तार किया। खामोश गहरी आंखे टूटते बिखरते वृद्ध  माता पिता दिल में अथाह पीड़ा जीवनContinue Reading

प्रेम सुकून चैन सुख शांति के सपने पूरे हुए ख्वाहिशें अब और नहीं बची जब से तुम मेरे अपने हुए ये कहने को भले ही लगता बड़ा शानदार ख़्वाहिशों के बिन सबकी ज़िंदगी होती बेज़ार रंगीन टीवी पर हमें दिखाई देती खूबसूरत छवि ब्लैक एंड व्हाइट में बेकार जिंदगी केContinue Reading

इक उम्र लगती है जीवन को समझने में रिश्तों को पिरोने में अनुभव को बटोरने में इक उम्र लगती है किनारों को ढूंढने में साहिल से तैरने में हवाओं को रोकने में इक उम्र लगती है शहर को बसने में गाँव को भूलने में बेगानों संग जीने में इक उम्रContinue Reading

वादा है तुझसे ए वतन अपना फ़र्ज़ निभाउंगा तिरंगे की सम्मान में अपना शीश नवाउंगा। दुश्मन आँख उठाए तो चीर के उसको आऊंगा माँ भारती की सुरक्षा में जीवन कुर्बान कर जाऊँगा। जय हिन्द