प्रेम सुकून चैन सुख शांति के सपने पूरे हुए ख्वाहिशें अब और नहीं बची जब से तुम मेरे अपने हुए ये कहने को भले ही लगता बड़ा शानदार ख़्वाहिशों के बिन सबकी ज़िंदगी होती बेज़ार रंगीन टीवी पर हमें दिखाई देती खूबसूरत छवि ब्लैक एंड व्हाइट में बेकार जिंदगी केContinue Reading

आज़ाद परिंदों की तरह उड़ान मिले स्वयं का वज़ूद भरपूर सम्मान मिले मानव अधिकारों का हनन ज़ुल्म सितम नए परवाज़ के साथ उठाए जाते कदम राष्ट्रीय मानव अधिकार आयोग का गठन अनेकता में एकजुटता परिभाषित प्रबंधन शिक्षा स्वास्थ आर्थिक मूलभूत जीवन सुविधा सुरक्षित माहौल भेदभाव रहित सुंदर विधा अधिकारों काContinue Reading

खुशबू उर्वरा की हर आँगन महक रही है एक ख़्वाब एक हसरत खूब चहक रही है। सरसों बाजरा ग्वार फली की झूमती डाली चारों ओर दिखती खेत खलिहान हरियाली लहलहाते महकते ख़ुशनुमा चंदन गुलाब मन में उमड़ता खुशियों का भरपूर सैलाब। बैलों की रूणझुण जीवन में जोश बढ़ाती स्वावलंबन भावContinue Reading

एक पहल से सुप्रीम कोर्ट को आज एक निवेदन पत्र देश में भारत बंद के आह्वान को हमेशा के लिए समाप्त करने का फैसला लिया जाना चाहिए। 135 करोड़ की जनसंख्या वाला भारत देश है जिसमें कोई भी कारण से कभी भी एक वर्ग समुदाय द्वारा भारत बंद के आह्वानContinue Reading

इक उम्र लगती है जीवन को समझने में रिश्तों को पिरोने में अनुभव को बटोरने में इक उम्र लगती है किनारों को ढूंढने में साहिल से तैरने में हवाओं को रोकने में इक उम्र लगती है शहर को बसने में गाँव को भूलने में बेगानों संग जीने में इक उम्रContinue Reading

वादा है तुझसे ए वतन अपना फ़र्ज़ निभाउंगा तिरंगे की सम्मान में अपना शीश नवाउंगा। दुश्मन आँख उठाए तो चीर के उसको आऊंगा माँ भारती की सुरक्षा में जीवन कुर्बान कर जाऊँगा। जय हिन्द

सात फेरे अग्नि समक्ष सात वचन इक दूजे संग रस्म जोड़ी गठबंधन सुंदर स्वरुप मन मोहक चितवन संगिनी के संग प्रेम प्रतीक जीवन सुख दुख त्रिवेणी संगम साथ हर पहर संगी साथी बन कटता आसान सफ़र पतझड़ मौसम का हर अलबेला राग संगिनी की खुशियाँ खुशबू सा अनुराग शिव अर्द्धनारीश्वरContinue Reading

मैंने खत लिखा। प्रेम राग दिखा।। दिया बाती जले। संगी साथी मिले।। खुशी रात दिन। नहीं तेरे बिन।। मन मोती हार। तुम पूर्ण सार।। मौन चित्त शांति। भक्ति शक्ति कांति।। युवा साज़ राग। मुख वाणी जाग। जग प्रीत जोड़ी। सीप शंख कौड़ी।। पथ फूल खिले। आभा हेम मिले।। गीत मूंगContinue Reading

शहीद की माँ हर आहट पर बैचैन है गाँव की पगडंडी पर बीत रही रैन है तिरंगा लिपटा पार्थिव देह अमर सपूत मुंतजिर हृदय ग़मगीन अश्रुपूरित नैन है।

लघु कथा आज अपने मित्र और उसकी दो बेटियों की वास्तविक कहानी आपके समक्ष प्रस्तुत करती हूँ। दोनों बेटियों के बीच तीन साल का अन्तराल। बड़ी बेटी नैना नाम के अनुरूप खूबसूरत, मृदुल स्वभाव, मैत्री भाव, पढ़ने में अव्वल, बुद्धिमान और अनुशासित है,विद्यालय में भी सभी शिक्षिकाएं भी उसे बेहदContinue Reading