मैंने खत लिखा। प्रेम राग दिखा।। दिया बाती जले। संगी साथी मिले।। खुशी रात दिन। नहीं तेरे बिन।। मन मोती हार। तुम पूर्ण सार।। मौन चित्त शांति। भक्ति शक्ति कांति।। युवा साज़ राग। मुख वाणी जाग। जग प्रीत जोड़ी। सीप शंख कौड़ी।। पथ फूल खिले। आभा हेम मिले।। गीत मूंगContinue Reading

शहीद की माँ हर आहट पर बैचैन है गाँव की पगडंडी पर बीत रही रैन है तिरंगा लिपटा पार्थिव देह अमर सपूत मुंतजिर हृदय ग़मगीन अश्रुपूरित नैन है।

लघु कथा आज अपने मित्र और उसकी दो बेटियों की वास्तविक कहानी आपके समक्ष प्रस्तुत करती हूँ। दोनों बेटियों के बीच तीन साल का अन्तराल। बड़ी बेटी नैना नाम के अनुरूप खूबसूरत, मृदुल स्वभाव, मैत्री भाव, पढ़ने में अव्वल, बुद्धिमान और अनुशासित है,विद्यालय में भी सभी शिक्षिकाएं भी उसे बेहदContinue Reading

तपस्या और तपस्वी जीवन होता यशस्वी ध्यान साधना भक्ति दृढ़ इच्छा परम शक्ति। तप में ताप ऊर्जा उष्मा तादात्म् आत्मा परमात्मा देह से दैविक चैतन्य सफ़र बड़ी कठिन जीवन डगर। भोग से ऊपर होता योग बिरलों को मिलता संयोग स्थूल से सूक्ष्म की यात्रा घटती भौतिक सुख मात्रा। निर्मल शुद्धContinue Reading

जज़्बातों की यह कहानी है अब भी गम में वो रवानी है अश्कों से भीगे मतवाले नैन राज़ ए दिल तुमको बतानी है दिल बैचैनी का तसव्वुर बेतकल्लुफ ये ज़वानी है चाँदनी रात के साये में बेहतरीन गज़ल सुनानी है वो शोखियाँ वो तबस्सुम हसरतों की फिर नादानी है गरमContinue Reading

एकता ,भाइचारा, देश प्रेम लघु कथा संस्मरण के रूप में कई समय से एक सवाल मन में कौंध रहा था कि क्या  चुनावी समय में,स्वाधीनता दिवस, गणतंत्र दिवस पर देश भक्ति के गानों से ही देश प्रेम और देश के प्रति कर्तव्य पूरा हो जाता है? संयोग से लद्दाख कीContinue Reading

खंड खंड काल खंड में भारत की सीमाओं ने गहरी चोट खाई है विभाजित बीज़ सृजित कर पुरातन संस्कृति को दफनायी है आज़ादी के बरसों बाद भी वंदेमातरम् विरोधी ध्वनि सुनाई है तुष्टीकरण की राजनीति से नेताओं ने की बड़ी रुसवाई है भूत भूलकर अब भविष्य काल में जनता नेContinue Reading

जब जब छूटता भरोसा आशंका लेती जन्म हर गतिविधि संदिग्ध उलझ जाते करम अपनी ही आशंकित सोच डर से होता निढाल मन मति भ्रमित दृश्यावली सहम जाता अंतर्मन कभी कुत्ते का रोना कभी कौवा कांव कांव बुरी घटना की आशंका भरता मन का भाव युद्द का समाचार मिलता मृत्यु कीContinue Reading

तुमसे ये किसने कहा… भटक गई हूँ ख़्वाबों के पीछे भाग रही हूँ अंधाधुंध आँखें मींचे दौलत कमाने के होड़ में लगी नाते रिश्ते तोड़ के आगे बढ़ी। तुमसे ये किसने कहा… मेरी दीवानगी हुई हद पार बेपरवाह मोहब्बत में हार ए शर्मो हया को छोड़ कर ख़ुद को हीContinue Reading

माता रानी का दरबार सजे बड़ा प्यारा है खुशियों का संसार लगे बड़ा न्यारा है माथे पर चुन्दड़ घणी घणी सोहे बिंदी मुख मंडल आभा अति मोहे आओ बजावे झनकार सोणा सोणा जग सारा माता रानी का दरबार सजे बड़ा प्यारा है…. हाथों में चूड़ा खन-खन खनके शंख त्रिशूल हाथोंContinue Reading