पहली कहो चाहे आख़िरी एक ही पर ये दिल आया मांग में सिंदूर भर जिसने मुझे जीवन साथी बनाया मोहब्बत को क्या नाम दूँ उसको क्या मेरा पैगाम दूँ सोचती रही कलम उठाया मैंने ख़त लिख भिजवाया आज राज खोल ही देती हूँ प्रेम की कहानी बोल देती हूँ गुलाबContinue Reading

बाबा अब मैं बड़ी हो गई हूँ मेरे हाथों को पीले करवा दो जीवन की सबसे बड़ी खुशी एक नई पहचान दिलवा दो। गणपति का शुभ वंदन करके पूजा अर्चना सुमिरन करवा दो बाबा अब मैं बड़ी हो गई हूँ मेरे हाथों को पीला करवा दो। कच्ची हरी हरी पत्तियाँContinue Reading

जिंदगी के धूप में बड़ी तपन है दिल के अंधेरों में बढ़ी घुटन है  वो आँधियों की तरह  उड़ता रहा  मेरे हर साँसों में  शोर करता रहा  उफ्फ ये आँधी के साथ  गम की बरसात भी  आने लगी है  मेरे मन को बड़ा  सताने लगी है माना तेरे जाने काContinue Reading

वैक्सीन नहीं है तो क्या हुआ रोज न जाने कितने मर रहे हैं संवदेना जता हम चल रहे हैं हौसलों से हल निकल रहे हैं भागदौड़ में भी संभल रहे हैं। दवा नहीं पास तो क्या हुआ दुआ से हर लम्हें संवर रहे हैं मास्क से सब दूरी बना रहेContinue Reading

कल का दिन मेरा बड़ा प्यारा था अठखेलियों का अद्भुत नज़ारा था सड़क पर पैदल मैं चल रही थी आँखें मेरी ताक झाँक कर रही थी तभी नज़र आए मुझे वो तीन बंदर गांधीजी की नव प्रतिमा के ऊपर अठखेलियाँ कर वो सब नाच रहे थे मन की बात बयांContinue Reading

भारत की राजभाषा हिंदी। हम सबकी मातृभाषा हिंदी। हिन्दुस्तान की पवित्र डोर हिंदी। आत्मा की सुदृढ़ जोड़ हिंदी। उन्नत शीश की बिंदी हिंदी। प्रगति का प्रतिबिंब हिंदी। संस्कृति की पहचान हिंदी। संस्कारों का सम्मान हिंदी। स्नेह प्रेम प्रीत सद्भाव हिंदी। प्रधानमंत्री मन की बात हिंदी। बोलचाल की भाषा हिंदी। हरContinue Reading

रोटी और बेलन जैसे दिया बाती जैसे पति पत्नी संगी और साथी। रोटी और पृथ्वी दोनों ही गोलाकार एक पेट की आहार दूजी सौर की आधार। रोटी और सब्ज़ी रोटी भरती पेट सब्ज़ी देती स्वाद अच्छा मेल मिलाप। रोटी कपड़ा मकान मूलभूत सारे समान दो जून मिले रोटी ग़रीब काContinue Reading

संयुक्त जिनका परिवार खुशियाँ होती अपार थोड़ी सी होती तकरार बहुत ज्यादा सबमें प्यार अविभाजित संसार सुरक्षित घर संसार दादा दादी मीठी फटकार जीवन सुलझता कई बार चाचा चाची जिम्मेदार साथ निभाते बार बार एक रसोई घर के होते अनेकों सदस्य भागीदार परिवार व रिश्ते एक फायदे सबके अनेक त्यौहारोंContinue Reading

कर्म ही धर्म है कर्म ही पूजा है कर्म ही खुशी है कर्म ही आनंद है कर्म ही धर्म है कर्म ही पूजा है इसके बिना नहीं कुछ और दूजा है… कर्म ही धर्म है कर्म ही पूजा है… अपने बाजुओं में कर भरोसा कर्तव्य पथ पर अग्रसर हो कर्मContinue Reading

देश की सरहद पर खड़े  सेनानी कहलाते शूरवीर देश को स्वच्छ कर अपना दायित्व निभाते कर्मवीर शूरवीर बांध सर पर कफ़न देश की रक्षा में मर मिटता है कर्मवीर दिन रात जुट कर देश की सेवा में जगता है मातृभूमि की आज़ादी में दिया जिन्होंने बलिदान हमें बढ़ाना है उनContinue Reading