बाजी़गर

मन में उत्साह लिए उमंग संग जो जीवन में आगे बढ़ता है
अवसाद दुखों से ऊपर उठकर जीवन में फतह करता है
आत्मसंघर्षों से सीख कर मुसीबतों से हर पल लड़ता है
अंधेरे को चीर कर रोशनी जलाने की हिम्मत रखता है
करतब खेल तमाशा जादू दिखाने का प्रदर्शन करता है
हारी बाज़ी को अपने हौंसले से पलटने का ज़ज्बा रखता है।
रूढ़िवादी परम्पराओं को तोड़ कर नया अध्याय लिखता है
अपने कला कौशल में उस्ताद बनने का हुनर रखता है
सिफारिश चमचागिरी छोड़ अपने वज़ूद का मान रखता है
अपने काबिलियत के बाजीगरी फन पर विश्वास रखता है
टूटे तिनके को जोड़ कर घरौंदा बनाने की समझ रखता है
मुश्किलों का सामना करने का फ़ौलादी जिग़र रखता है
तदबीर से तक़दीर बनाने की बुलंद सोच हर प्रहर रखता है
नव सृजन नई सोच नव आधार का कारीगरी करता है
खेल के मैदान में डटकर मुकाबले का साहस रखता है
जीवन के खेल का जादूगर बनकर नया जोश भरता है
ठोकरें खाकर उससे सीखकर राह की चट्टान बनता है
गुलामी को तोड़कर अपनी हाथों की रेखाएं बदलता है
हर दांव बाज़ी संग आसमाँ में वो नाम अंकित करता है
रवायत बाजीगरी की देख ज़माना उसे बाजीगर कहता है।

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