माता रानी का दरबार सजे बड़ा प्यारा है खुशियों का संसार लगे बड़ा न्यारा है माथे पर चुन्दड़ घणी घणी सोहे बिंदी मुख मंडल आभा अति मोहे आओ बजावे झनकार सोणा सोणा जग सारा माता रानी का दरबार सजे बड़ा प्यारा है…. हाथों में चूड़ा खन-खन खनके शंख त्रिशूल हाथोंContinue Reading

ये दिल ही तो है ज़नाब…. आसमाँ में दूर तलक़ उड़ना चाहता है पंख फैला कर आकाश छूना चाहता है चाँद तारों की सैर करना चाहता है समुद्री तट पर घंटों लेटे रहना चाहता है पुष्प की भीनी-भीनी खुशबू पाना चाहता है हवा के झोंकों में आवारगी करना चाहता हैContinue Reading

स्वर्णिम जीवन का देखते हो तुम अद्भुत सपना झूठ धोखा बेईमानी से कभी नहीं होगा अपना। मन के ऊपर कालिखों का आवरण हटाना होगा सत्य की साबुन से मल मल कर मैल छुड़ाना होगा। सत्य के साथ खड़े रहने का अदम्य साहस तुम लाओ झूठ की भीड़ में जाकर मतContinue Reading

मौन परमात्मा की प्रेरणा असीम चित्त शांति मौन दिव्यता का प्रकाश अद्भुत भक्ति शक्ति शब्द जहाँ होते शून्य वाणी का होता लोप संत महात्मा जीते जी स्वयँ को रखते रोक नवीन रहस्य मय साधना संसार दिखाता दैहिक आंतरिक तप और संयम समझाता मृत्यु के बाद सभी की होती मौन कीContinue Reading

गुहार – आदरणीय मोदी जी हिंदी को राष्ट्रभाषा देखने का स्वप्न पूरा करें।  विषय – गांधी जी और उनका हिंदी अनुराग राष्ट्रपिता महात्मा गांधी का हिंदी भाषा के प्रति अनुराग सर्वविदित है। अँग्रेजी भाषा के महान ज्ञानी के बावजूद वो अपना भाषण हिंदी में ही देना पसंद करते थे। उनकेContinue Reading

बापू का प्रेम अहिंसा त्याग देश के प्रति अथाह अनुराग आजादी के यज्ञ में दी आहुति सत्य भलाई निष्कर्मों की ज्योति ग्रामीण विकास हृदयी चेतना शिक्षा स्वच्छता आरोग्य प्रेरणा स्वच्छ भारत का उनका सपना मुकम्मल नहीं अब तक अपना स्वदेशी अपनाओ रोजगार बढ़ाओ कपास सूत को घर-घर पहुँचाओ विदेशी वस्तुओंContinue Reading

शास्त्र कहता है कि… काम क्रोध मद लोभ। सब नाथ नर्क के पंथ।। पर क्रोध जरूरी है क्यों? क्रोध विषाक्त ज़हर निकालना जरूरी है चित्त असीम शांति के लिए क्रोध जरूरी है संतान को सही राह दिखाने क्रोध जरूरी है अनुशासन वास्ते शिक्षक का क्रोध जरूरी है समस्या समाधान केContinue Reading

पहली कहो चाहे आख़िरी एक ही पर ये दिल आया मांग में सिंदूर भर जिसने मुझे जीवन साथी बनाया मोहब्बत को क्या नाम दूँ उसको क्या मेरा पैगाम दूँ सोचती रही कलम उठाया मैंने ख़त लिख भिजवाया आज राज खोल ही देती हूँ प्रेम की कहानी बोल देती हूँ गुलाबContinue Reading

बाबा अब मैं बड़ी हो गई हूँ मेरे हाथों को पीले करवा दो जीवन की सबसे बड़ी खुशी एक नई पहचान दिलवा दो। गणपति का शुभ वंदन करके पूजा अर्चना सुमिरन करवा दो बाबा अब मैं बड़ी हो गई हूँ मेरे हाथों को पीला करवा दो। कच्ची हरी हरी पत्तियाँContinue Reading

ख़्वाहिशों की तपिश चाँद की चाँदनी अधूरी क्यूँ है तड़प उठती मेरे सीने में दिलों की प्यास अधूरी क्यूँ है बुलबुले उठ रहे है स्वप्न जाल ये रात अधूरी क्यूँ है लबों पे ख़ामोशी घायल मन की बात अधूरी क्यूँ है चूड़ियों की खनक पायल की झंकार अधूरी क्यूँ हैContinue Reading